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यहोवा तुम्हारे लिए लड़ेगा || The Lord Will Fight For You || SERMON BY APOSTLE ANKUR YOSEPH NARULA

 यहोवा तुम्हारे लिए लड़ेगा || The Lord Will Fight For You || SERMON BY APOSTLE ANKUR YOSEPH NARULA

आग और उसके प्रभाव


- कहानी की शुरुआत एक जंगल में आग लगने से होती है, जहां एक व्यक्ति ने आग लगाई और उसे पता चलता है कि आग अब अपने आप फैल रही है।

- व्यक्ति समझता है कि अगर वह और आग लगाता है, तो वह खुद भी जल सकता है, इसलिए वह चुपचाप बैठकर आग को फैलते हुए देखता है।

- यहां पर एक नैतिकता का जिक्र किया गया है, जिसमें कहा गया है कि जो गड्ढा खड़ा करेगा, वही उसमें गिरेगा, और जो पत्थर लूटता है, वह उसी पर लुढ़केगा।

- इसमें यह भी बताया गया है कि हवा के रुख पर परमेश्वर का नियंत्रण होता है, और जब आग लग चुकी होगी, तो हवा का रुख बदल जाएगा।


परमेश्वर का न्याय और विश्वास


- यहां पर यह बात कही गई है कि अगर लोग बदला नहीं लेते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि परमेश्वर भी चुप है।

- क्रिश्चियन लोगों को यह आदेश दिया गया है कि वे सिर्फ खड़े रहें और लड़ाई न करें, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उनका परमेश्वर लड़ने वाला नहीं है।

- क्रिश्चियनिटी को दबाने की कोशिशें हजारों वर्षों से हो रही हैं, लेकिन यह कभी सफल नहीं हुईं।

- क्रिश्चियन लोग अपने विश्वास पर भरोसा रखते हैं और उन्हें कभी निराश नहीं किया जाता।


क्रिश्चियनिटी का अर्थ


- क्रिश्चियनिटी को एक धर्म के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह परमेश्वर के साथ एक संबंध है।

- बाइबल में कहीं भी 'ईसाई धर्म' का उल्लेख नहीं है, यह एक सच्चाई है।

- जो कुछ भी हो रहा है, वह लोगों की भलाई के लिए हो रहा है और उनके विश्वास को मजबूत बनाने के लिए हो रहा है।


परमेश्वर का वचन और विश्वास


- बाइबल में कहा गया है कि हर चीज का एक समय होता है, जैसे जन्म लेना, मरना, रोना, और हंसना।

- परमेश्वर ने कलीसिया को बनाया है ताकि लोग उसकी योजना को समझ सकें और उसे धरती पर पूरा कर सकें।

- जब व्यक्ति परमेश्वर के साथ संबंध में होता है, तो वह दूसरों के लिए प्रार्थना कर सकता है और उन्हें बचा सकता है।


विश्राम और विश्वास का महत्व


- विश्राम का महत्व बताया गया है, और इसे परमेश्वर के वचन के साथ जोड़कर समझाया गया है।

- जब लोग बाहरी वातावरण पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो उनकी आंतरिक शांति खत्म हो जाती है।

- परमेश्वर ने कहा है कि वह अपने वचन के द्वारा ही काम करता है और लोगों को उसकी योजना में भागीदार बनाता है।


प्रार्थना और सामुदायिक सहयोग


- कलीसिया में प्रार्थना का महत्व बताया गया है, जहां सभी सदस्य एक-दूसरे के लिए प्रार्थना करते हैं।

- जब कलीसिया एकजुट होकर प्रार्थना करती है, तो परमेश्वर उनके बीच में काम करता है।

- प्रार्थना के माध्यम से लोग एक-दूसरे का समर्थन करते हैं और सामुदायिक रूप से बढ़ते हैं।


विश्राम में प्रवेश


- विश्राम में प्रवेश करने के लिए, व्यक्ति को प्रार्थना के समय में स्थिरता बनाए रखनी चाहिए।

- जब व्यक्ति विश्राम में होता है, तो वह परमेश्वर की आवाज सुन सकता है और अपनी समस्याओं का समाधान पा सकता है।

- विश्राम में रहकर व्यक्ति को आंतरिक शांति मिलती है, जो उसे बाहरी परेशानियों से प्रभावित नहीं होने देती।


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