जो मुझ से प्रेम करता है , मैं उसे छुड़ाऊंगा __ Sermon __ Ankur Narula Ministries
इस संदेश के प्रमुख बिंदु:
1. छुटकारा केवल परमेश्वर दे सकता है:
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चाहे परिस्थिति कैसी भी हो—बीमारी, नुकसान, अकेलापन या गरीबी—असली छुटकारा केवल वही दे सकता है जो परमेश्वर है।
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यह छुटकारा सांसारिक साधनों से नहीं बल्कि आत्मिक समर्पण से आता है।
2. रूत का उदाहरण – प्रेम और समर्पण:
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रूत एक गैर-यहूदी महिला थी, लेकिन उसने परमेश्वर को अपनाया।
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उसने नाओमी (सास) के साथ रहना चुना, जबकि वह वापस जाकर दूसरी शादी कर सकती थी।
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परमेश्वर ने उसके समर्पण को देखा और उसे आशीष दी—वह बोअज की पत्नी बनी, जिससे दाऊद जैसे राजा का वंश चला।
3. परमेश्वर अपने वचन से बंधा है:
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वह भावनाओं से नहीं, वचन और आत्मिक सच्चाई से चलता है।
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छुटकारा तभी संभव है जब हम उसके वचन को जानें, समझें और उसका पालन करें।
4. “मैं तुझे छुड़ा लूंगा” – भजन संहिता 91:14:
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यह वादा उन लोगों के लिए है जो परमेश्वर से सच्चा प्रेम करते हैं, सौदा नहीं।
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जिनको परमेश्वर का नाम (चरित्र, स्वभाव, आत्मा) पता है, वही ऊँचे स्थान पर रखे जाएंगे।
5. सौदा नहीं, प्यार चाहिए:
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परमेश्वर के साथ रिश्ता "लेन-देन" पर नहीं, "प्रेम" पर आधारित होना चाहिए।
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उपवास, प्रार्थना, सेवा सब तब ही सार्थक हैं जब उनके पीछे सच्चा प्रेम हो।
6. जो कुछ खोया है, परमेश्वर वापस लाता है:
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चाहे ज़िंदगी में कितना भी खोया गया हो, परमेश्वर उसे रिस्टोर कर सकता है – "दोगुना आनंद" देने वाला परमेश्वर है।
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